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Wednesday, 11 March 2015

मैं क़तरा क़तरा.....

मैं क़तरा क़तरा फ़ना हुयी ,, 
मे ज़र्रा ज़र्रा बिखर गयी ,,
ऐ ज़िन्दग़ी तुझसे मिलते मिलते ,,
मैं अपने आप से बिछड़ गयी ,,
http://hottystan.blogspot.in/