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Saturday, 3 October 2015

कौन सा मतलब....

कौन सा मतलब दिल में आया
जो हमसे इतना प्यार जताया...
अमृत है, कह कह के तुमने
जाने कितनों को जहर पिलाया...
धोखों को जेब में रख चलते हो
जो भी मिला उसे एक थमाया...
मीठी जुबां, मासूम सा चेहरा
खुदा ने भी क्या जाल बनाया...
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Saturday, 22 August 2015

दिल जो टूटे...

दिल जो टूटे तो कोई जख्म न जुबां पे लाए, 
कैसे फिर कोई उनके गम को समझ पाए.. 

एक खुलते ही कई और गांठ लग जाते हैं ,
दिल के धागे भी उलझकर न सुलझ पाए..

आप हंसते हैं मेरी हालत पर, हंसते रहिए ,
ये मेरी दर्द भी दुनिया का कुछ सबक पाए.. 

जब भी खुलता है ये एक आस जगा देता है ,
घर के दरवाजे भी तेरे आने की कसक पाए..

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Friday, 21 August 2015

इंतजारों के...

इंतजारों के कांटों को मैं चुनती चली गयी, 
पल पल गिरे आंसू को गिनती चली गयी..  

 रिश्तों ने हर कदम पर मुझको बहुत टोका, 
मगर मैं तेरी बात को बस सुनती चली गयी..  

अब तुम ही खफा हो तो बताओ क्या करूं ,
तेरा जवाब न मिला तो सिर पिटती चली गयी.. 

 कुछ दिन में शायद सबकुछ ठीक हो जाए ,
इसी उम्मीद में ये गजल मैं बुनती चली गयी..

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Tuesday, 18 August 2015

ऐ जिंदगी तेरे...

ऐ जिंदगी तेरे इश्क में पागल भी हम हो चुके ,
कांटों से नहीं, हम यहां फूलों से घायल हो चुके ..

अपने हमें समझाते रहे दुनिया की वो रवायतें ,
हम समझ न पाए तो अपने घर से निकल चुके ..

मोम सा जलते रहे हम चांद की खातिर रातभर ,
बुझ गए हैं आज हम जो पूरी तरह पिघल चुके ..

एक जगह रुकने से अब घुटता है क्यों दम मेरा ,
सांसों की कशमकश में कितने शहर बदल चुके ..

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Thursday, 6 August 2015

निगाहों में......

निगाहों में भटकती हैं , जुबां पर अटकती हैं
ये दिल की भाषा है तुम नहीं समझोगे.. 
क्योंकि ये कभी हंसती हैं तो कभी सिसकती हैं
ये अहसास-ए-तड़प है तुम नहीं समझोगे..


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Thursday, 28 May 2015

भीगी भीगी....

भीगी भीगी दो निगाहें, सहमे-सहमे लबों का जोड़ा
जुल्फें सावन सी घनेरी, सूरत पे हया का बसेरा..

तेरे बदन की चांदनी से मौसम में फैला है उजाला
तेरे शबाब की आग में जलकर रोज आता है सबेरा..

दिल की एक नाजुक कली पे दर्द के शबनम रखे हैं
मुसकानों की खुशबू में छुप जाता है हर गम तेरा..

तन्हा सी मुसाफिर हो तुम, तेरी अदाओं में है उदासी
कोरे कागज सा सादा मन, तुम ही तो सपना हो मेरा..

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Tuesday, 26 May 2015

जिन्दगी में दो चीजें....


जिन्दगी में दो चीजें कभी मत कीजिए...

झूठे आदमी के साथ प्रेम, 

और सच्चे आदमी के साथ गेम...!

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